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मैं आज ज़द पे अगर हूं तो खुश गुमान ना हो, 
चिराग सबके बुझेंगे, हवा किसी की नहीं।

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मन से उतरे हुए लोग, सामने भी बैठ जाए तो नज़र नहीं आते....
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